हिमाचल प्रदेश

किन्नौर में सांगला-छितकुल मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 120 मीटर गहरी खाई में गिरी कार

Kavita2
23 Aug 2026 5:27 PM IST
किन्नौर में सांगला-छितकुल मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 120 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार चालक एवं मालिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सांगला-छितकुल मार्ग पर बटसेरी के समीप हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 120 मीटर नीचे जा गिरी।

हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 34 वर्षीय कमल मेहता के रूप में हुई है। बताया गया है कि कमल मेहता जिला मुख्यालय रिकांगपिओ स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) कार्यालय में जिला प्रोग्राम मैनेजर के पद पर तैनात थे। हादसे की खबर सामने आने के बाद उनके परिचितों और विभागीय कर्मचारियों में शोक की लहर है।

कार में उनके साथ यात्रा कर रहे दूसरे व्यक्ति की पहचान 28 वर्षीय मुनीष चौहान के रूप में हुई है। वह शिमला जिले के कोटखाई तहसील के गांव एवं डाकघर बखोल के निवासी बताए गए हैं। हादसे में मुनीष चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार तड़के सांगला-छितकुल मार्ग पर बटसेरी के पास हुआ। बताया जा रहा है कि कार मार्ग से गुजर रही थी, तभी अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से बाहर निकल गई और करीब 120 मीटर नीचे गहरी ढलान में जा गिरी। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण हादसा बेहद गंभीर हो गया।

दुर्घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और संबंधित बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। खड़ी पहाड़ी और गहरी ढलान के कारण नीचे गिरी कार तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद बचावकर्मियों ने प्रयास कर वाहन तक पहुंच बनाई।

मौके पर जांच के दौरान कमल मेहता की मौत की पुष्टि हुई। बताया गया कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, मुनीष चौहान को गंभीर हालत में बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

हादसे की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वाहन अनियंत्रित होने के पीछे सड़क की स्थिति, तेज रफ्तार, चालक की किसी गलती या कोई अन्य कारण था। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

कमल मेहता की मौत की खबर से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय में भी शोक का माहौल है। वह रिकांगपिओ स्थित DRDA कार्यालय में जिला प्रोग्राम मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सरकारी विभाग में जिम्मेदारी संभाल रहे एक युवा अधिकारी की अचानक सड़क हादसे में मौत ने सहकर्मियों और परिचितों को गहरा सदमा पहुंचाया है।

सांगला-छितकुल मार्ग किन्नौर के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़कें खड़ी ढलानों और गहरी खाइयों के किनारे बनी हुई हैं। ऐसे इलाकों में वाहन चलाते समय थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। रविवार को हुआ हादसा भी इसी तरह की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हुआ।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ी सड़कों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। मोड़, ढलान और सड़क की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए गति नियंत्रित रखना जरूरी है। हालांकि, इस हादसे में कार किस वजह से अनियंत्रित हुई, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। हादसे के बाद वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार किस दिशा में जा रही थी और हादसे से पहले वाहन की गति एवं स्थिति कैसी थी।

घायल मुनीष चौहान की हालत गंभीर बताई गई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। परिवार और परिचितों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। वहीं, मृतक कमल मेहता के परिजनों को भी घटना की सूचना पहुंचाई गई है।

इस हादसे ने एक बार फिर किन्नौर की पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित यातायात की चुनौती को सामने ला दिया है। जिले में पर्यटन और स्थानीय आवाजाही के कारण इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सांगला और छितकुल क्षेत्र भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं, जिसके कारण सड़क सुरक्षा का महत्व और बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति का पालन करना, मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतना और सड़क की परिस्थितियों के अनुरूप ड्राइविंग करना बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर चालकों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

रविवार सुबह हुए इस हादसे में एक परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक कमल मेहता की सरकारी सेवा में जिम्मेदार पद पर तैनाती होने के कारण उनके सहकर्मियों और विभागीय अधिकारियों में भी शोक की स्थिति है।

फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। दुर्घटना के संबंध में आगे की जानकारी जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।

सांगला-छितकुल मार्ग पर बटसेरी के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि पहाड़ी इलाकों में सड़क पर छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। करीब 120 मीटर नीचे कार के गिरने से हुई इस दुर्घटना में 34 वर्षीय कमल मेहता की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय मुनीष चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की जांच के बाद ही दुर्घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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